Shakti App reaches all Districts of Jharkhand

झारखंड में बेटियों की सुरक्षा के लिए झारखंड पुलिस के बेड़े में एकीकृत डायल-100 की नई सौगात के साथ-साथ Shakti App का दायरा भी बढ़ा दिया गया है। राजधानी से शुरू हुए Shakti App का दायरा अब राज्य के 24 जिलों तक बढ़ गया है

रविवार को राज्य के सभी 24 जिलों में इसका विधिवत शुभारंभ हो गया। अब प्रदेश के किसी भी हिस्से में संकट में पड़ी बेटियों के लिए यह एप कारगर साबित होगा। एकीकृत डायल-100 के साथ ही Shakti App का भी शुभारंभ हो गया।

क्या है Shakti App :

  • Shakti App महिलाओं की सुरक्षा व बचाव के लिए झारखंड पुलिस की एक पहल है । यह एक एंडरोइड (Android) आधारित मोबाइल एप्लीकेशन है, इस एप्लीकेशन की मदद से महिलाएं किसी भी आपात स्थिति में सीधे पुलिस नियंत्रण कक्ष तथा साथ ही उनके रिश्तेदारों / दोस्तों के मोबाइल फोन पर मुसीबत में होने की सूचना भेज सकती है।
  • सबसे पहले अपने एंड्रॉयड मोबाइल फोन में इस एप्प को डाउनलोड व इनस्टॉल करें। फिर, अपने नाम, मोबाइल नंबर तथा कम से कम तीन रिश्तेदारों / मित्रों के नाम व मोबाइल नंबर पंजीकृत करें।
  • पंजीकृत यूजर अपने मोबाइल फोन की होम स्क्रीन पर मौजूद ‘हेल्प’ बटन को स्पर्श कर अलर्ट भेज सकेगी। जैसे ही ‘हेल्प’ बटन स्पर्श किया जायेगा ठीक उसी समय पुलिस नियंत्रण कक्ष के साथ ही उनके रिश्तेदारों / दोस्तों के लिए एक अलर्ट सन्देश भेज दिया जाएगा।
  • इस एप्लीकेशन और सेवा का उपयोग केवल संकट के समय ही किया जाना है। झूठी रिपोर्टिंग और किसी भी तरह के दुरुपयोग करने पर कानून के तहत दंडनीय होगा।



ऐसे काम करेगा Shakti App :

  • Shakti App को राज्य के एकीकृत डायल-100 से जोड़ दिया गया है।
  • स्मार्ट फोन पर गूगल प्ले स्टोर से Shakti App को डाउनलोड किया जा सकता है।
  • इसके आइकॉन को मोबाइल के स्क्रीन पर रखें।
  • बेटियां/महिलाएं उक्त एप से चार नंबर को जोड़ सकती हैं। इनमें अपने अभिभावक, जिले के एसपी व दो अन्य करीबी के नंबर होंगे।
  • बेटियां जैसे ही खुद को असुरक्षित महसूस करेंगी, स्क्रीन पर Shakti App के आइकॉन पर दो बार क्लिक कर देंगी।
  • ऐसा करने मात्र से ही उनका लोकेशन पुलिस के एकीकृत डायल-100 के कंट्रोल रूम सहित जिले के कप्तान व करीबियों को मिल जाएगा।
  • डायल-100 से जिला केंद्र और उक्त जिले के पुलिस पीसीआर वाहनों को सीधे नियंत्रित करता है। राज्य के 24 जिलो मे पीसीआर वाहन जीपीएस से लैस हैं। सूचना मिलते ही तुरंत पीड़िता तक पहुंचेगा और सहायता करेगा। इसके लिए पीड़िता तक शहरी क्षेत्र में 15 मिनट के भीतर और ग्रामीण इलाके में 25 मिनट के भीतर पहुंचने का लक्ष्य है।
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