Mukhyamantri Educational Tour Yojana

झारखंड सरकार मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की तर्ज पर सरकार अब मुख्यमंत्री शैक्षिक भ्रमण योजना लाई है। इसके तहत, कक्षा छह से कक्षा 12 के विद्यार्थियों को सरकार देश के दर्शनीय, धार्मिक और पर्यटकीय स्थलों की सैर कराएगी।

अब निजी स्कूलों की तरह सरकारी विद्यालयों के बच्चे भी शैक्षणिक भ्रमण पर जाएंगे। पहली बार राज्य भर के स्कूलों से चयनित 3800 स्टूडेंट्स को भौगोलिक और ऐेतिहासिक महत्व से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। बच्चों को दार्जिलिंग, बेंगलुरु, मैसूर और मुंबई के महाबालेश्वर का भ्रमण कराया जाएगा। 




शैक्षणिक टूर में एक बार में कुल 950 बच्चे जाएंगे। इसमें कक्षा छह से 12वीं तक के स्टूडेंट्स शामिल होंगे। शिक्षकों की संख्या अलग होगी। इस तरह से चार बार शैक्षणिक भ्रमण के लिए राज्य से स्पेशल ट्रेन रवाना होगी। ट्रेन पूरी तरह से छात्रों के लिए रिजर्व रहेगी। स्टूडेंट्स का शैक्षणिक भ्रमण प्रोग्राम अधिकतम छह दिन और न्यूनतम चार दिन का होगा।

  • ट्रेन खुलने की तिथि भी निर्धारित कर दी गई है। पहली ट्रेन 18 सितंबर को रवाना होगी। यह ट्रेन हटिया से दार्जिलिंग जाएगी। इसी प्रकार एक नवंबर को दूसरी, एक दिसंबर को तीसरी और एक जनवरी – 2018 को चौथी ट्रेन शैक्षणिक भ्रमण के लिए रवाना होगी।
  • हर सफर में राज्य के 950 स्टूडेंट्स और उनके गाइड जाएंगे। भ्रमण पर जाने वाले बच्चों का आधार कार्ड और पहचान पत्र होना अनिवार्य है।



टूर के लिए इन स्कूलों के छात्रों का किया जाएगा चयन

भ्रमण पर जानेवाले छात्रों चयन के लिए सरकार ने मानक भी तय कर दिया है। इसमें मेधावी बच्चों के अलावा शून्य ड्राॅपआउट वाले स्कूलों के बच्चों का चयन किया जाएगा। इसमें राज्य के सभी 24 जिलों के बच्चों को मौका मिलेगा। चयन जिला स्तर पर होगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार ने पांचों प्रमंडल के आरडीडीई को आठ सितंबर तक पहली शैक्षणिक यात्रा पर जानेवाले स्टूडेंट्स की लिस्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

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