Jharkhand Current Affairs : 5-6-7-8-9-10 September 2017

Jharkhand Current Affairs for 5-6-7-8-9-10 September 2017 with important short notes on current events and newspaper summary.

State’s Literacy Rate is 76% now

 राज्य में गत तीन वर्ष में 32 लाख लोगों को साक्षर किया गया। स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने वर्ष 2020 तक राज्य को पूर्ण साक्षर करने का लक्ष्य रखा है। राज्य में अगले दो वर्ष में 30 लाख और लोगों को साक्षर करने के लिए चिन्हित किया गया है। इसके लिए विभाग द्वारा प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। राज्य के आधा दर्जन जिले रेड जोन से बाहर आये हैं। जिन लोगों को साक्षर किया गया है वे 15 से 70 वर्ष की आयु वर्ग के हैं। खास बात यह है कि महिला साक्षरता दर में अधिक बढ़ोतरी हुई है।

राज्य में साक्षरता को लेकर साक्षर भारत अभियान चलाया जा रहा है। वर्ष 2001 में जहां साक्षरता का दर मात्र 53.6 फीसदी था, वह वर्ष 2011 में बढ़कर 66.41 प्रतिशत हो गया। वर्तमान में राज्य की साक्षरता दर लगभग 76 फीसदी है। स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग द्वारा जारी संख्या के अनुरूप वर्ष 2014-15 में चार लाख, वर्ष 2015-16 में 13 लाख व वर्ष 2016-17 में 15 लाख लाेगों को साक्षर किया गया है। स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने चरणबद्ध तरीके से पंचायतों को पूर्ण साक्षर करने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत अब तक लगभग 550 पंचायत को पूर्ण साक्षर बनाया गया है। 

7 New Colleges under Birsa Agricultural University

बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के तहत सात नए कॉलेज खुलेंगे। वे हैं कृषि महाविद्यालय गढ़वा, तिलका मांझी कृषि महाविद्यालय गोड्डा, रविंद्र नाथ टैगोर कृषि महाविद्यालय देवघर, दुग्ध प्रौद्योगिकी महाविद्यालय हंसडीहा (दुमका), कृषि अभियंत्रण महाविद्यालय कांके (रांची), उद्यान महाविद्यालय खूंटपानी (चाईबासा) और मत्स्यकी प्रौद्योगिकी महाविद्यालय गुमला हैं। ये सभी बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के अंगीभूत कॉलेज के रूप में रहेंगे।  इसमें से दो कॉलेजों कृषि इंजिनीरिंग कॉलेज(कांके) और हॉर्टिकल्चर कॉलेज खूंटपानी(चाईबासा) में अगले सत्र से पढाई होगी। बाकी के पांच कॉलेजों में इसी सत्र से पढाई BAU के कांके स्थित मुख्य परिसर में चल रही हैं।

Ranchi University to give PG Degree in Yoga

रांची यूनिवर्सिटी में इसी सत्र से योग में स्नातकोत्तर की पढाई शुरू होगी। इसके लिए सभी जरुरी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गयी हैं। यह एक सेल्फ फाइनेंस कोर्स होगा। मारवाड़ी महिला कॉलेज के बगल में स्थित कुलपति निवास में शुरू में इसका संचालन होगा। बाद में भवन बनने पर इसे नए भवन में शिफ्ट किया जाएगा। ज्ञात हो की Sai Nath University में योग में MAऔर MSc. की पढाई हो रही है।

Governor Approved Religious Independence Bill & amendment to the Land Acquisition Act

राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने झारखंड धर्म स्वतंत्र विधेयक-2017 और भूमि अधिग्रहण विधेयक 2017 को मंजूरी दे दी है। अब धर्मांतरण बिल को राज्य सरकार अधिसूचित करेगी। जबकि भूमि अधिग्रहण विधेयक को प्रक्रिया के तहत राष्ट्रपति के समक्ष अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जायेगा। दोनों विधेयक को मॉनसून सत्र के दौरान 12 अगस्त को विधानसभा ने पारित किया था। इसके बाद अनुमोदन के लिए राज्यपाल के पास भेजा गया था। राज्यपाल ने दोनों विधेयक को विशेषज्ञों से राय लेने के बाद स्वीकृति प्रदान कर दी।

VP lays foundation for the nation’s first green field smart city project in HEC of Ranchi

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने झारखंड की राजधानी रांची में देश की पहली ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी का शिलान्यास किया। एचइसी में बननेवाला यह शहर कार्बन फ्री जोन होगा। देश की पहली स्मार्ट सिटी का शिलान्यास करने के बाद उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि यह भव्य भारत की नींव है। राजधानी के धुर्वा स्थित एचईसी कैंपस के 656 एकड़ में बनने वाली पहली ग्रीन फील्ड सिटी में 67.7 एकड़ कमर्शियल एरिया के रूप में आईडेंटीफाई किया गया है। जिसमे फाइव स्टार होटल, मॉल, कमर्शियल टॉवर लोकल शौपिंग एरिया बनेगा। साथ ही 86.5 एकड़ रेजिडेंशियल कैंपस होगा।

All India Tribal Women Writer’s Meet in Ranchi

वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रोज केरकेट्टा ने कहा कि कि रांची में जन्मी एलिस एक्का (जन्म : 8/09/1917) भारत की पहली महिला आदिवासी कथाकार हैं, जिनकी जन्म शताब्दी पर देश के 15 राज्यों से आदिवासी रचनाकारों का जुटान हुआ है। ऐसा लग रहा है कि एक सदी बाद वो फिर से जीवंत हो उठी हों। एलिस एक्का हिन्दी की पहली दलित कथा लेखिका भी हैं।

  • एलिस एक्का का जन्म 8 सितंबर 1917 को सिमडेगा के खूंटीटोली में हुआ था।
  • उनकी सारी रचनाएं मुख्य रूप से आदिवासी पत्रिका में छपीं।
  • अथक श्रम और शोध के बाद आदिवासी साहित्यकार वंदना टेटे उनकी अनेक कहानियां और दूसरी रचनाएं खोज निकालीं।
  • उनकी रचनाओं का प्रकाशन एलिस एक्का की कहानियां शीर्षक से हुआ, इसमें उनकी कहानियां और खलील जिब्रान की रचनाओं का अनुवाद भी है।

 

 

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